चलो, कभी फिर मिलेंगे।किसी और ज़िंदगी,किसी और दुनिया में। जहाँ मेरी गुस्ताखियाँ कम हों,जहाँ मेरी नादानियाँ कम हों। जहाँ शायद मैं हो पाऊं थोड़ा और ज़िम्मेदार,जहाँ शायद मैं ले पाऊं इन कंधों पे और थोड़ी भार। जहाँ दोस्ती में कोई शर्त न रखी जाए,जहाँ सच्चा प्यार मिल पाए। जहाँ दिल में थोड़ी कम हो खटास,जहाँ…
Tag: poetry
Frozen Gaze
I may look cold as ice,When I see in them nothing nice.With a gaze that could freeze,And a heart that’s hard to please. You may find me rude,But on good days, I’m the next-door dude.A familiar face with hidden grace,Waiting for a smile to light up this space. Behind the frost, there’s warmth untold,A story…
Rediscovering the sweetness in “Sweet Dreams”
In our busy lives, we often overlook the magic of peaceful sleep and the beauty of dreams. Let’s embrace the serenity of “sweet dreams” and share warmth with others.
प्याज़ की परतें
प्याज़ की परतों की तरह जब रिश्तों की परतें खुलती हैं,अपने साथ भावनाओं की बरसात लेकर आती हैं। वक़्त की छूरी धीरे धीरे उन परतों को अलग अलग आकारों में काटती है,आकार निर्भर करता है की आज किस मनोदशा का व्यंजन बन्ना हैं। प्यार की आंच में अगर उसे धीमे धीमे पकाया जाये,तो उसका स्वाद…
ভালোবাসার প্রশ্ন
একটা প্রশ্ন অনেক আঘাত করে আমার মনে,তুমি কি আজও আমায় ওম্নি চাও অন্তরণে। দিন গুনে অনেক বছর পেরোলো,আমার ভালোবাসার পেখম গজালো। যায় যেখানে চোখ শুধু তোমাকেই দেখতে চায়,জানিনা এই মন এতো ভালবাহা কোথায় পায়। জীবনের কৌতূহলে প্রেম কি কমে যায়?পথ ভোলা পথিকের মতো অন্ধকারে যদি রাস্তা খুঁজে না পায়?
कुछ आज़ादी अब भी बाकी है
यह आज़ादी बड़ी महंगी पड़ी है,सही मायनों में ये लड़ाई अब भी जारी है। किसी का आँगन छूटा,कहीं छूटा माँ का आँचल। किसी का दामन छूटा,कहीं टूटा सपनों का बंधन। परछाई अब अधेरों से निकल रही है,सही मायनों में ये लड़ाई अब भी जारी है। किसी का हाथ थाम लूँ गर्व से फेरे,कोई प्यार से…
यादों के कपड़े
Clothes of memories
तेरा बरामदा
आज भी जब उस राह गुज़रता हूँ,नज़रें एक टक उस बरामदे पर चली जाती हैं. खुद को झूठ ना बोल पाऊंगा,हाँ, देखते ही यादेँ ताज़ा हो जाती हैं. तू नहीं, पर तेरा एहसास आज भी है वहां,इक भ्रम सी परछाई आज भी दिख जाती है. उस कमरे की तस्वीर आज भी ज़हन में हैं छपी,वह…
