कभी फिर मिलेंगे

चलो, कभी फिर मिलेंगे।किसी और ज़िंदगी,किसी और दुनिया में। जहाँ मेरी गुस्ताखियाँ कम हों,जहाँ मेरी नादानियाँ कम हों। जहाँ शायद मैं हो पाऊं थोड़ा और ज़िम्मेदार,जहाँ शायद मैं ले पाऊं इन कंधों पे और थोड़ी भार। जहाँ दोस्ती में कोई शर्त न रखी जाए,जहाँ सच्चा प्यार मिल पाए। जहाँ दिल में थोड़ी कम हो खटास,जहाँ…

मुस्कान

सुनो, मुझे हँसना सिखा दो।कैसी होती है मुस्कान, बस वो बता दो। बचपन में खिलखिलाते, कुछ आवाज़ें गुम गईं,जवानी के ठहाके, लोगों के कानों में चुभ गईं। किसी बात पे खुश हुए और काम बिगड़ गया,तो डर से उनपे भी खुश होना छोड़ दिया। अब तस्वीरें खिचवाना अजीब लगता है,खुद का चेहरा भी अजनबी सा…

दिल की कचोट

कभी-कभी बहुत रोना आता है,पर आँसू नहीं आते।एक कचोट सी है दिल में,पर बयान नहीं किये जाते। है दुनिया खुशनुमा,पर मैं खुश नहीं।हूँ भीड़ में भी तन्हा,पर उसमें भी गम नहीं। अकेलेपन में अक्सर,क्षण भर की ख़ुशी पा जाता,पर मेरी परछाई को भी,मेरा साथ रास नहीं आता। मन की चाहत से हूँ मैं अनजान,बस मिल…

प्याज़ की परतें

प्याज़ की परतों की तरह जब रिश्तों की परतें खुलती हैं,अपने साथ भावनाओं की बरसात लेकर आती हैं। वक़्त की छूरी धीरे धीरे उन परतों को अलग अलग आकारों में काटती है,आकार निर्भर करता है की आज किस मनोदशा का व्यंजन बन्ना हैं। प्यार की आंच में अगर उसे धीमे धीमे पकाया जाये,तो उसका स्वाद…

एक सुबह

सुनो,कैसे हो? आज ऐसा लग रहा है,कई दिन हो गए हमें बात किये हुए। कई दिनों की तरह मेरे दाएं ओर का सिरहाना ख़ाली पढ़ा था,उस तकिये को भी अब तुम्हारी आदत हो गयी है। अलमारी के दरवाज़े भी हलके थे,उन्हें भी मानो कम कपड़ों का खालीपन सता रहा है। बाथरूम में वह ब्रश भी…

व्याकुलता

एक अजब सी कशमकश है मेरे दिल में आज,एक नई शुरुआत कि की है आगाज़। दिमाग कहे ज़्यादा ना सोच,पर दिल है बेचैन देख मौसम का शोर। वैसे तो बारिश हैं शुभ संदेश लाती,पर व्याकुल मन को है चिंता सताती। चाहु वो जो हो सबके लिए अच्छा,पर डरता है मन और उसमें बसा बच्चा। बस…

कुछ आज़ादी अब भी बाकी है

यह आज़ादी बड़ी महंगी पड़ी है,सही मायनों में ये लड़ाई अब भी जारी है। किसी का आँगन छूटा,कहीं छूटा माँ का आँचल। किसी का दामन छूटा,कहीं टूटा सपनों का बंधन। परछाई अब अधेरों से निकल रही है,सही मायनों में ये लड़ाई अब भी जारी है। किसी का हाथ थाम लूँ गर्व से फेरे,कोई प्यार से…

तेरा बरामदा

आज भी जब उस राह गुज़रता हूँ,नज़रें एक टक उस बरामदे पर चली जाती हैं. खुद को झूठ ना बोल पाऊंगा,हाँ, देखते ही यादेँ ताज़ा हो जाती हैं. तू नहीं, पर तेरा एहसास आज भी है वहां,इक भ्रम सी परछाई आज भी दिख जाती है. उस कमरे की तस्वीर आज भी ज़हन में हैं छपी,वह…

Tum sab jaanti ho

Tum to sab jaanti thi,poocho apne dil se. Itne saal jise god mein khilaya,sine se laga ke duniya se bachaya. Uski har dhadkan se waqif thi,maathe ki chunwat ko bhi pehchnati thi. Jiski hansi mein tumhari khushi,Aur chot lagne par tum bhi roti thi. Tumhari lali lipstick lagakar bohot baar saja tha,Apni chunar orhakar jise…