यादें

इन नंगे पैरो पर आज भी जब उस रेत पे चलता हूँ, हां, तेरी याद आती हैं। याद आता हैं वो पल जब इस रेत की तरह, तेरे हाथ मेरे हाथों से फिसल रहे थे। पागल लहरो की तरह तेरा प्यार, मेरे पूरे तन को भिगोकर छोड़ जा रहे थे सिर्फ आंसू। मेरे आसुओं से…