रंगो भरी ज़िन्दगी

इस आसमा सी हैं ये ज़िन्दगी। हर उगते और डूबते सूरज के साथ,ये भी अपना रंग बदलती हैं। उस अंधेरे आसमान का कद्रदान शायद ही कोई हो,पर उस अंधेरे में समाते सूरज को सब एक बार निहारते ज़रूर हैं। गर गौर से देखो,तो काफी बेरंग हैं ये रंगो भरी ज़िन्दगी। – अंकुर मंडल